उत्तर प्रदेशबस्ती

ग़लती मानकर सुधार करने के बजाय अड़ियल रुख पर कायम पंचायती राज महकमा

⭐ग़लती मानकर सुधार करने के बजाय अड़ियल रुख पर कायम पंचायती राज महकमा⭐

⭐प्रकटीकरणकर्ता से गिला शिकवा पाले बैठा है डीपीआरओ कार्यालय -अक्षमभाव के बावजूद अड़ियल रुख बरकरार -और जब घनघना दिया एडीपीआरओ बस्ती अरुण कुमार ने अपना फोन⭐

 विगत राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल, 2025 के दिन विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जनपद के दस ग्राम प्रधानों को पंचायत उन्नति सूचकांक के विविध आयामों पर आकलित प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया था। लेकिन प्रशस्ति पत्र पर पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स की जगह पर पंचायत एडवांस इंडेक्स लिखा मिला जब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ तो डीपीआरओ ऑफिस के जिम्मेदार अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार यादव ने गड़बड़ी मानने के बजाय प्रकटीकरणकर्ता से ही गिला शिकवा दिखा दिया। और अपनी बेरुखी को अंततः फोन पर ही बया कर दिया। काबिलेगौर है कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे कर्ताधर्ता बड़ी या छोटी गलती करके अपने उच्चाधिकारियों की फजीहत कराए और उजागर होने पर मानने के बजाय अड़ियल रुख अपनाएं तो फिर ऐसी व्यवस्था का दशा दिशा क्या होगा ऊपर वाला ही मालिक है। ग्राम प्रधानों को दिए गए प्रशस्ति पत्र पर पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स की जगह पर पंचायत एडवांस इंडेक्स लिखा मिला, शब्दों के इस उलटफेर ने अर्थ का अनर्थ तो किया ही साथ में पंचायती राज विभाग में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की मनोदशा एवं कार्यसंस्कृति को भी बख़ूबी उजागर किया। पंचायती राज महकमे की अक्षमता को उजागर करने वाले खबर को हिन्दी दैनिक लोहिया भूमि समाचार पत्र ने प्रमुखता से छापा तो ग़लती मानने व सुधार करने के बजाय प्रकटीकर्ता से गिला शिकवा पाले डीपीआरओ ऑफिस के जिम्मेदार अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार यादव दूरभाष पर वार्ता के दौरान धौस दिखाने रौब गांठने से जरा भी नहीं चूके।

सूत्रों की माने तो स्वयं सहित जिले के आला अधिकारियों की किरकिरी व फजीहत कराने के बाद वितरित किए गए प्रमाण पत्रों को वापस लेकर गुपचुप तरीके से दूसरा प्रमाण पत्र देने की योजना बना रहा है।

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